- जिले के साइबर टीम ने आरोपी को भारत नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा के नजदीक ग्राम परिगामा जिला सीतामढ़ी बिहार से किया गिरफ्तार
- सायबर तकनीकी और बैंक डिटेल से आरोपी तक पहुंची पुलिस
- आरोपी के कब्जे से साइबर अपराध से जुड़े साक्ष्य , मोबाइल, आधार कार्ड जप्त
- दिल्ली का पता बदलकर दिया था ठगी को अंजाम
घटना का विवरण
प्रकरण में प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड कंपनी चांपा के पर्चेस विभाग में कार्यरत प्रार्थी द्वारा दिनांक 05.06.26 को साइबर थाना जांजगीर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 11.08.26 प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड कोटाडबरी चांपा को एक ई-मेल राउरकेला इस्पात संयंत्र के नाम से मिला जिसमे बैंक खाता को बदलकर 28 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई थी , ई मेल आईडी में एक शब्द को बदल दिया गया था जिससे प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड को आए मेल आईडी में केवल एक शब्द बदलने से और ध्यान नहीं देने से 28 लाख के साइबर ठगी का शिकार हो गए , जब राउरकेला इस्पात संयंत्र से पूछताछ किया गया कि पेमेंट मिल गया तब राउरकेला के द्वारा पेमेंट नहीं मिलना बताए जिस पर प्रकाश इंडस्ट्रीज को पता चला कि मेल आईडी के कुछ मिलता जुलता शब्द बदलकर 28 लाख रुपए की ठगी कर लिया गया है ,जिस पर से साइबर थाना में अपराध क्रमांक 3/26 धारा 318 (4)bns, 66 C/D IT ACT ke antargat अपराध पंजीबद्ध किया गया , एवं अज्ञात मेल आईडी के आरोपियों की पता सजी शुरू की गई।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए SP विजय कुमार पाण्डेय IPS के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ यूलैंडन यार्क के कुशल मार्गदर्शन में साइबर थाना जांजगीर पुलिस ने एक आरोपी को बिहार से पकड़ने सफलता हासिल किया है।
सायबर तकनीकी और बैंक डिटेल से आरोपी तक पहुंची पुलिस
आरोपियों के पता सजी में बैंक खाते की जांच करने पर खाता आरोपी पंकज मुखिया पिता जहरा मुखिया, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम परिगमा, थाना चरौत, जिला सीतामढ़ी, बिहार के नाम पर होना पाया गया। जिसके द्वारा लगातार अपना पता को आधार में बदला गया था पूर्व में आधार कार्ड में दिल्ली का पता दिया हुआ था बाद में बिहार का पता अपडेट किया गया था ,जिस पर जांच के दौरान बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर, सीडीआर एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। तकनीकी जांच में आरोपी की पहचान एवं उसके बिहार रुकने की जानकारी प्राप्त हुई ।
पुलिस टीम द्वारा थाना चरौत, जिला सीतामढ़ी बिहार पहुंचकर स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी पंकज मुखिया को पकड़ा गया।
साइबर ठगी की रकम खाते में मंगवाकर बांटने की बात स्वीकार
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अन्य आरोपी के साथ मिलकर अपने नाम से बैंक खाता खुलवाने तथा साइबर ठगी की रकम उक्त खाते में प्राप्त होने के बाद आपस में बांटने की बात स्वीकार की है । मुख्य आरोपी पंकज मुखिया गिरफ्तार हो गया है अन्य सह आरोपी की गिरफ्तारी शेष है अपने हिस्से में प्राप्त रकम को खा पीकर खर्च करना बताया है आरोपी के विरुद्ध अपराध सबूत पाए जाने से जाने से विधिवत गिरफ्तार कर बिहार के सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत कर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया, जिसके बाद पुलिस टीम आरोपी को जांजगीर -चांपा लेकर पहुंची। जहां पर से माननीय न्यायालय जांजगीर में पेश किया गया एवं जेल दाखिल किया गया।
- उक्त प्रकरण में ठगी होने पर साइबर क्राइम पोर्टल /1930 में शिकायत दर्ज करने पर 28 लाख रुपए में से 23 लाख रुपए को होल्ड करा दिया गया है जिसे वापस करने की प्रक्रिया की जा रही है ।
- लोगो से अपील है कि यदि साइबर ठगी का शिकार होते है तो तत्काल साइबर पोर्टल/ 1930 में / नजदीकी थाना में तत्काल शिकायत दर्ज करें जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगा उतना पैसा वापस मिलने का संभावना अधिक रहेगा ।
⏩ उपरोक्त कार्यवाही में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, निरीक्षक शिवानंद सिंह, साइबर टीम प्रधान आर मनोज तिग्गा, आरक्षक शहबाज खान, गिरीश कश्यप की मुख्य भूमिका रही।
