मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी के लिए विशेष कार्ययोजना पर शत-प्रतिशत अमल सुनिश्चित करें – कलेक्टर
एचआरपी एवं एनीमिक गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी, प्रथम तिमाही में शत-प्रतिशत पंजीयन के निर्देश
एचपीवी टीकाकरण में 15 अगस्त तक सभी शेष बालिकाओं के पूर्ण टीकाकरण के निर्देश
संस्थागत प्रसव बढ़ाने, समय पर एम्बुलेंस और गुणवत्तापूर्ण मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
आरबीसी 6-4 के लिए ऑनलाइन पोर्टल, नागरिक स्वयं कर सकेंगे आवेदन
जांजगीर-चांपा 08 अगस्त 2026। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक लेकर जिले में संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर के निर्देशन में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए तैयार विशेष कार्ययोजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन तथा सभी मैटरनल हेल्थ इंडिकेटर्स में प्रभावी सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने प्रत्येक गर्भवती महिला का प्रथम तिमाही में शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने तथा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) एवं एनीमिक गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान कर नियमित निगरानी एवं उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य संस्थाओं को सुदृढ़ करने, आवश्यक दवाइयों, जांच सुविधाओं एवं मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। संभावित प्रसव के लिए संस्थाओं में आवश्यक तैयारियां तथा स्टाफ की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव की स्थिति में कमी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए गर्भवती महिलाओं को उचित परामर्श देकर शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में प्रसव के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने 108, 102 एवं स्थानीय एम्बुलेंस सेवाओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने तथा प्रसव के बाद आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं एवं निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मितानिनों को प्रत्येक पंजीकृत गर्भवती महिला का नियमित गृह भ्रमण कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी करने तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं एवं जांच कराने कहा। मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से विश्लेषण कर कारणों की पहचान एवं आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जननी पोर्टल में नियमित एवं समयबद्ध एंट्री तथा कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने 1 जुलाई से 15 अगस्त तक चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए अब तक 88 प्रतिशत उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग के अमले की सराहना की। उन्होंने 15 अगस्त तक जिले की 11,380 बालिकाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आरबीसी 6-4 प्रकरणों के त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध निराकरण के लिए विकसित ऑनलाइन पोर्टल की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि अब नागरिक स्वयं ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। कलेक्टर ने बीएमओ एवं अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण में तथ्यों एवं अभिलेखों के आधार पर स्पष्ट अभिमत दर्ज करने के निर्देश दिए। बैठक में टीबी जांच, एसएनसीयू, एनबीएसयू एवं एनआरसी के संचालन, मौसमी बीमारियों एवं मलेरिया की रोकथाम, लेप्रोसी सर्वे, एनसीडी सेवाओं, आयुष्मान भारत एवं वय वंदना कार्ड निर्माण सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की पोर्टल एंट्री में प्रगति लाने, संस्थाओं में नियमित साफ-सफाई, बजट का नियमानुसार समय पर व्यय तथा हितग्राहियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत विनय कुमार पोयाम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनीता श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्कर्ष तिवारी, सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. जागृति, मातृत्व स्वास्थ्य नोडल डॉ. ममता जगत, शिशु स्वास्थ्य नोडल डॉ. एन.के. ध्रुवे, लेप्रोसी नोडल डॉ. विष्णु पैगवार, टी.बी. नोडल डॉ. पुष्पेन्द्र लहरे, सलाहकार मातृत्व स्वास्थ्य डॉ. अभिषेक कौशिक, जिला प्रबंधक डाटा श्री लखन लाल उरांव, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. शम्मा खल्खो, सलाहकार-मलेरिया एन. गजेश, जिला समन्वयक-आयुष्मान भारत उज्जवल सिन्हा, जिला प्रबंधक अस्पताल अंकित ताम्रकार, प्रवीण तिवारी, जय कुमार यादव तथा विकासखंडों से खंड चिकित्सा अधिकारी एवं विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक उपस्थित रहे।
