15 अगस्त तक जिले की हर जनपद पंचायत का एक गांव बनेगा स्वच्छता मॉडल
घर-घर होगा चार प्रकार के कचरे का संग्रहण, यूजर चार्ज से लेकर निगरानी समिति तक होंगे पुख्ता इंतजाम
30 अक्टूबर तक 68 ग्राम पंचायतों को किया जाएगा कवर
जांजगीर-चांपा, 10 अगस्त 2026। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार पोयाम के मार्गदर्शन में जिले में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के गांवों में स्वच्छता को केवल साफ-सफाई तक सीमित न रखते हुए कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन, स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण और जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जा रही है। जिले के सभी जनपद पंचायतों से एक-एक ग्राम पंचायत का चयन कर 15 अगस्त 2026 तक उसे 100 प्रतिशत कचरा प्रबंधन एवं स्वच्छता गतिविधियों से कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद चरणबद्ध रूप से जिले की 68 ग्राम पंचायतों को 30 अक्टूबर 2026 तक पूरी तरह कवर करने की कार्ययोजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य ऐसे स्वच्छ एवं व्यवस्थित ग्राम विकसित करना है, जहां घर-घर कचरा संग्रहण से लेकर उसके पृथक्करण, परिवहन एवं उचित निपटान तक की पूरी व्यवस्था प्रभावी रूप से संचालित हो। 15 अगस्त तक 100 प्रतिशत कवरेज के लिए प्रत्येक जनपद पंचायत से एक ग्राम पंचायत को प्राथमिकता दी गई है। इनमें करमंदी नवागढ़, जुनाडीह बलौदा, भागोडीह बम्हनीडीह, अमलीपाली अकलतरा, जोगीडीपा पामगढ़ इन ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्थाओं को मजबूत करते हुए इन्हें स्वच्छता के मॉडल के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। 15 अगस्त तक प्रत्येक जनपद पंचायत के एक चयनित ग्राम को 100 प्रतिशत कवर करने के बाद 30 अक्टूबर तक जिले की 68 ग्राम पंचायतों को इस व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। चयनित ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए निगरानी समिति का गठन किया जाएगा। समिति द्वारा घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे के पृथक्करण, नियमित कचरा उठाव, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता तथा प्लास्टिक के उपयोग पर रोक जैसी गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाएगी। इस व्यवस्था में पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत सचिव, स्वच्छाग्रही दीदियों, स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि स्वच्छता व्यवस्था निरंतर बनी रहे और ग्रामीण स्वयं इसकी जिम्मेदारी संभालें। अभियान के तहत प्रत्येक घर में कचरे को चार श्रेणियों में अलग-अलग रखने और संग्रहण के लिए जागरूक किया जाएगा। गीला, सूखा, सेनेटरी एवं विशेष/खतरनाक कचरे को अलग-अलग संग्रहित कर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार उसका निपटान किया जाएगा। ग्रामीणों को चार रंग के डिब्बों के उपयोग के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। हरा डिब्बा गीले कचरे, नीला सूखे कचरे, लाल सेनेटरी कचरे तथा काला विशेष/खतरनाक कचरे के लिए निर्धारित किया गया है। इससे कचरे को स्रोत स्तर पर ही अलग करने और रिसाइक्लिंग एवं कम्पोस्टिंग को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। चयनित ग्राम पंचायतों में हर घर से नियमित कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा। स्वच्छाग्रही दीदियों एवं कचरा संग्रहण दल द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार घर-घर जाकर कचरा एकत्र किया जाएगा। कचरा संग्रहण एवं प्रबंधन व्यवस्था को सतत बनाए रखने के लिए घर-घर यूजर चार्ज की व्यवस्था को भी प्रभावी किया जाएगा। ग्रामीणों को समझाया जाएगा कि यूजर चार्ज स्वच्छता व्यवस्था को नियमित एवं आत्मनिर्भर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गांवों में सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, नालियों एवं खाली स्थानों पर कचरा फेंकने पर प्रतिबंध को प्रभावी बनाया जाएगा। ग्रामीणों को निर्धारित कचरा संग्रहण व्यवस्था में ही कचरा देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसी तरह कचरा जलाने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगाई जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर ग्राम पंचायत स्तर पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार जुर्माना एवं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई से अधिक ग्रामीणों में जिम्मेदार व्यवहार विकसित करना है। अभियान के तहत चयनित ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक फ्री ग्राम पंचायत बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। ग्रामीणों को सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, कपड़े एवं अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाने तथा प्लास्टिक कचरे को अलग संग्रहित कर उचित निपटान के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिले के गांवों में स्वच्छाग्रही दीदियां घर-घर जाकर कचरा संग्रहण के साथ ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रही हैं। वे ग्रामीणों को खुले में कचरा न फेंकने, कचरा अलग-अलग रखने, नियमित रूप से कचरा देने और अपने गांव को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रेरित कर रही हैं। उनकी यह पहल गांवों में स्वच्छता के प्रति व्यवहार परिवर्तन और जनभागीदारी की मिसाल बन रही है। कचरा संग्रहण के साथ स्वच्छाग्रही दीदियां स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को घर-घर पहुंचाने का कार्य भी कर रही हैं।
