स्वचालित सीडलिंग यूनिट से मिली नई दिशा, खरबूजा उत्पादन से किसान ओम प्रकाश पटेल ने कमाया 3.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ
सक्ती, सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओ से लोगों के जीवन मे आ रहे बदलाव की कहानिया सामने आ रही है। आधुनिक कृषि तकनीकों और विभागीय मार्गदर्शन से किसानों की पारंपरिक खेती अब नई संभावनाओं और बेहतर आय की ओर बढ़ रही है। जिला सक्ती के विकासखण्ड डभरा के ग्राम कबारीपाली निवासी कृषक ओम प्रकाश पटेल ने शासकीय उद्यान रोपणी चुरतेली में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत स्थापित ऑटोमेटिक वेजिटेबल सीडलिंग प्रोडक्शन यूनिट का लाभ उठाकर खरबूजा की खेती में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पहले किसान ओम प्रकाश पटेल को फसल तैयार करने के लिए गुणवत्तापूर्ण पौधों की उपलब्धता, पौधों की गुणवत्ता तथा फसल की समयबद्धता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। इससे खेती में अपेक्षित उत्पादन और बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त करने में कठिनाई होती थी। आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण सीडलिंग के महत्व को समझते हुए उन्होंने विभागीय सीडलिंग यूनिट से तैयार पौधों का उपयोग कर 7 एकड़ भूमि में खरबूजा की खेती करने का निर्णय लिया। ऑटोमेटिक सीडलिंग यूनिट से उत्पादित सीडलिंग पौधे रोग एवं कीट से मुक्त तथा उच्च गुणवत्तायुक्त होते हैं। इन गुणवत्तापूर्ण पौधों का उपयोग करने से श्री पटेल को फसल की बेहतर स्थापना, समय पर फसल तैयार होने और उत्पादन में सुधार का लाभ मिला। फसल उत्पादन के दौरान उद्यानिकी विभाग द्वारा समय-समय पर आवश्यक सलाह एवं मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया, जिससे उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से फसल प्रबंधन किया। बेहतर गुणवत्ता वाली सीडलिंग, वैज्ञानिक कृषि तकनीक और विभागीय मार्गदर्शन का परिणाम रहा कि ओम प्रकाश पटेल को 7 एकड़ में खरबूजा फसल से लगभग 400 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। उत्पादित खरबूजे को समय पर बाजार में विक्रय करने से उन्हें उचित मूल्य प्राप्त हुआ। खेती में किए गए कुल खर्च को निकालने के बाद उन्हें लगभग 3.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित हुआ। खरबूजा उत्पादन से प्राप्त बेहतर परिणाम और आय ने ओम प्रकाश पटेल के उत्साह को बढ़ाया है। वे भविष्य में भी शासकीय सीडलिंग यूनिट से उत्पादित गुणवत्तायुक्त पौधों का उपयोग करते हुए आधुनिक तकनीक से खेती करने के लिए संकल्पित हैं। साथ ही वे अपने आसपास के अन्य किसानों को भी गुणवत्तायुक्त सीडलिंग अपनाकर आधुनिक तरीके से खेती करने के लिए प्रेरित कर रहे है। पटेल की यह सफलता दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक, गुणवत्तायुक्त पौध सामग्री और विभागीय मार्गदर्शन का समन्वय किसानों के उत्पादन एवं आय में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
