जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने विधानसभा सत्र के दूसरे दिन रेत घाट के संचालन के संबंध में विधानसभा में सवाल पूछे। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से प्रश्न पूछा कि जिला जाजगीर-चांपा अंतर्गत छ.ग.गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2023 अनुसूचित क्षेत्र नियम के तहत छ.ग. में कुल कितने रेत घाट स्वीकृत हैं और उनको कितने वर्ष के लिए पट्टे पर दिया गया है? पट्टेदार के नाम सहित जानकारी मांगी गई। उन्होंने पूछा कि क्या गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2025 अनुसूचित क्षेत्र नियम लागू हो जाने पर छ.ग. गौण खनिज नियम साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2023 (अनुसूचित क्षेत्र) के रेत खदानों को 2023 में अनुबंध को निरस्त किया गया है? उपरोक्त अतारांकित प्रश्न के जवाब में बताया कि जिला जांजगीर-चांपा में छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत का उत्खनन एवं व्यवसाय (अनुसूचित क्षेत्र हेतु) नियम 2023 के तहत कोई भी रेत घाट स्वीकृत नही है। अतः शेष प्रश्न उद्भूत नही होता है।
पी.एम. सूर्यघर योजना में कितने हितग्राहियों को अनुदान प्राप्त हुआ- ब्यास कश्यप
विधायक ब्यास कश्यप ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के संबंध में विधानसभा में सवाल पूछा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पूछा कि 01 जनवरी 2025 से नवंबर 2025 तक प्रदेश के कितने घरेलू उपभोक्ताओं ने पी.एम. सूर्यघर योजना अंतर्गत कितनी-कितनी क्षमता के सौर ऊर्जा उपकरण लगवाये हैं? प्रति व्यक्ति इसकी लागत राशि कितनी है? क्या राज्य शासन ने सौर ऊर्जा उपकरण स्थापना के लिए कोई निश्चित राशि निर्धारित की गई है? यदि नही तो क्यों? पी.एम. सूर्यघर योजना अंतर्गत कितने हितग्राहियों को केन्द्रांश/राज्यांश से अनुदान प्राप्त हो चुका हे तथा कितने शेष हैं? और क्यों? पी.एम. सूर्यघर योजना अंतर्गत हितग्राहियों को सौर ऊर्जा उपकरण स्थापना के लिए ऋण देने संबंधी शासन की क्या योजना है? इसके लिए कितनी ब्याज दर निर्धारित है? पी.एम. सूर्यघर योजना में सोलर कंपनियों की शिकायत निवारण के लिए नोडल अधिकारी किसे नियुक्त किया गया है? उपरोक्त अतारांकित प्रश्न के जवाब में बताया गया कि 01 जनवरी 2025 से 25 नवंबर 2025 तक प्रदेश के कुल 13042 घरेलू उपभोक्ताओं ने पी.एम. सूर्यघर योजना अंतर्गत रूफटाॅप संयंत्र लगवाए हैं। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देश के अनुसार 02 किलोवाट तक की क्षमता के लिए राशि रू. 50000 प्रति किलोवाट एवं 02 किलोवाट से अधिक की अतिरिक्त क्षमता के लिए राशि रू. 45000 प्रति किलोवाट लागत आंकलित की गई है। राज्य शासन द्वारा सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना के लिए अलग से कोई निश्चित राशि निर्धारित नही की गई है। प्रदेश के कुल 9748 लाभार्थी उपभोक्ताओं को केन्द्रांश अनुदान एवं 7615 लाभार्थी उपभोक्ताओं को राज्यांश अनुदान प्राप्त हो चुका है तथा 2357 उपभोक्ताओं को केन्द्रांश अनुदान एवं 3267 उपभोक्ताओं को राज्यांश अनुदान दिया जाना शेष है। पी.एम. सूर्यघर योजना अंतर्गत घरेलू उपभोक्ताओं को राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा 03 किलोवाट क्षमता के संयंत्र स्थापना हेतु राशि रू. 02 लाख तक का ऋण 06 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से दिया जा रहा है। पी.एम. सूर्यघर योजना में सोलर कंपनियों के शिकायत निवारण के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के एन. बिम्बीसार, अधीक्षण अभिंयता को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
