सर्व सतनामी समाज, जांजगीर के तत्वावधान में परम पूज्य सतगुरु घासीदास बाबा जी की जयंती का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं धूमधाम के साथ किया गया। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजन, महिलाएं, युवा एवं बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
गुरु जयंती के इस अवसर पर बाबा जी के संदेशों एवं शिक्षाओं को आत्मसात करने के आव्हान के साथ पूरे शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें “मनखे-मनखे एक समान” तथा “सत्य ही ईश्वर है” के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया गया। शोभायात्रा में सतनाम पंथियों के बीच एकता व भाईचारा तथा सत्यवादी, नशा मुक्त संस्कृति और सामाजिक चेतना का अनुपम दृश्य देखने को मिला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जांजगीर विधायक श्री ब्यास नारायण कश्यप जी रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद जांजगीर-नैला की अध्यक्षा श्रीमती रेखा देवा गढ़वाल जी ने की।
अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में
इंजीनियर आनंद प्रकाश मिरी जी, भाजपा नेता, जांजगीर तथा
श्रीमती कमला देवी पाटले जी, पूर्व सांसद, जांजगीर उपस्थित रहीं।
विशिष्ट अतिथि के रूप में
डॉ. आलोक नाथ मंगलम जी (एम.डी. मेडिसिन), जिला अस्पताल जांजगीर एवं
परमेश्वर सान्डे जी, पूर्व जिला अध्यक्ष, प्रगतिशील सतनामी समाज जांजगीर ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
समाज के अध्यक्षता अधिवक्ता महारती जी ने किए।
शोभायात्रा का मुख्य ध्वजवाहक , बी, पी, घृतलहरे जी ने अहम भूमिका निभाये,
कार्यक्रम की सफलता में विशेष सहयोगकर्ता के रूप में
इंजि, डी, एल, अनंत साहब, विजय मनहर, चंद्रकुमार मिरी योगेश बनर्जी, रोहित खूंटे, धनीराम जांगड़े, अधिवक्ता लक्ष्मी लहरें,जगजीवन बनर्जी, नरेन्द्र बंजारे,, के, के दिनकर, मिथुन भास्कर, डॉ. संजय कुमार जांगड़े , समाज के संक्षकगण, में ,हरप्रसाद पाटले,ए , डी,आजाद, कमल नारायण भारद्वाज, बी, आर रत्नाकर, भगवान चरण टंडन, कोमल महिलांगे, तेरस रात्रे, सी, बी,बंजारे,का पी ,बनर्जी, चंद्रकुमार आग्रे, रामकुमार दिनकर,उल्लेखनीय योगदान रहा।
कार्यक्रम में विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी व जनसंख्या तथा शोभायात्रा में सराहनीय योगदान व उत्कृष्ट रहा,महिलाओं में भारती,शांडिल्य, निशा मीनाक्षी बघेल,नीलिमा लहरें, प्रतिमा पाटले, कुर्रे मैडम,शशि शालिनी घृतलहरे, सरोज मनहर, सरोज खांडेकर,कंचन टांडे, अनिता टंडन,जय रात्रे, नम्रता रात्रे एवं आदि समाज के लोग उपस्थित रहे।
समारोह के अंत में समाज के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों, सहयोगकर्ताओं एवं उपस्थित जनसमुदाय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए गुरु घासीदास जी के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
