जेएसडब्ल्यू मामले में पुलिस-प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई की कड़ी निंदा, आंदोलन की चेतावनी
जांजगीर-चांपा जिले में आज जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी – छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना की जिला स्तरीय बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। बैठक में संगठनात्मक मजबूती, जनआंदोलन की दिशा, छत्तीसगढ़िया समाज के मूल अधिकारों तथा वर्तमान सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संगठन की सदस्यता ग्रहण कर छत्तीसगढ़ियावाद के विचार, संघर्ष और उद्देश्य को आत्मसात किया।
बैठक में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री बड़े भईया सोनू राठौर, छत्तीसगढ़िया युवा क्रांति सेना के प्रदेश महासचिव कंचन मानिकपुरी, कोरबा जिला अध्यक्ष सुरजीत सोनी, रायपुर शहर जिला अध्यक्ष गोपी साहू, जिला संयोजक नवल साहू एवं दीपका अध्यक्ष लाला साहू की विशेष एवं गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी पदाधिकारियों ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, ब्लॉक और ग्राम स्तर तक विस्तार करने तथा जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी की अस्मिता, छत्तीसगढ़िया पहचान, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा, शिक्षा एवं रोजगार, तथा सामाजिक न्याय के सवाल आज गंभीर चुनौती बने हुए हैं। ऐसे समय में छत्तीसगढ़िया समाज को संगठित होकर अपने हक-अधिकारों के लिए संघर्ष करना होगा। वक्ताओं ने दो टूक कहा कि जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी केवल राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़िया अस्मिता की रक्षा का जनआंदोलन है।
बैठक में जेएसडब्ल्यू प्लांट से निकाले गए 17 कर्मचारियों के मामले पर विशेष चर्चा की गई। संगठन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि उक्त कर्मचारियों को बिना न्यायोचित कारण के बाहर निकाला जाना गंभीर अन्याय है। साथ ही जेएसडब्ल्यू कंपनी गेट घेराव के दौरान प्लांट से जुड़े गुंडा तत्वों द्वारा महिलाओं के साथ की गई अभद्रता की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की गई। संगठन का आरोप है कि इस पूरे मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच नहीं की गई, बल्कि एकतरफा कार्रवाई करते हुए निर्दोष लोगों को जेल भेज दिया गया, जो लोकतंत्र और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने स्पष्ट किया कि यदि शासन-प्रशासन द्वारा इस मामले में शीघ्र निष्पक्ष जांच, महिलाओं के साथ अभद्रता करने वालों पर सख्त कार्रवाई, तथा निकाले गए 17 कर्मचारियों को न्याय नहीं दिया गया, तो संगठन प्रदेशव्यापी बड़े जनआंदोलन के लिए बाध्य होगा। इस आंदोलन की सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
बैठक के अंत में सभी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि छत्तीसगढ़ियावाद के विचार को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा, संगठन को गांव, ब्लॉक और जिले के स्तर पर मजबूत किया जाएगा, तथा हर उस व्यक्ति के साथ खड़े रहेंगे जो शोषण, अन्याय और दमन का शिकार है। इसी संकल्प के साथ बैठक का समापन किया गया।
