दिन–रात प्रशासन की दबिश, धान खरीदी केंद्रों पर अधिकारी कर्मचारी की जांच दल द्वारा किया जा रहा औचक निरीक्षण
अब तक 104 प्रकरण दर्ज, डेढ़ दर्जन वाहन थाने में सुपुर्द
कोचियों बिचौलियों सहित अवैध गतिविधियों पर जिला प्रशासन की 24 घंटे पैनी नजर
सक्ती, 20 जनवरी 2026 // शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित धान खरीदी सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। धान खरीदी में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर पूरी तरह लगाम लगाने के उद्देश्य से कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, जिला पंचायत सीईओ व धान खरीदी नोडल अधिकारी वासु जैन सहित अन्य जिला अधिकारी स्वयं मोर्चा संभाले हुए हैं। प्रशासनिक सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अधिकारी दिन ही नहीं बल्कि रात–रात भर धान खरीदी केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। अचानक पहुंचकर की जा रही इन जांचों से जहां व्यवस्था में कसावट आई है, वहीं अवैध धान खरीदी में लिप्त कोचियों, बिचौलियों और असामाजिक तत्वों में अफरा-तफरी और भय का माहौल बना हुआ है। प्रशासन की सख्ती का असर साफ दिखाई दे रहा है। अब तक जिले में अवैध धान खरीदी से जुड़े 104 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि कार्रवाई के दौरान पकड़ी गई लगभग डेढ़ दर्जन गाड़ियों को थाने में सुपुर्द किया गया है। अवैध रूप से संग्रहित और परिवहन किए जा रहे धान को जप्त कर नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके साथ ही कलेक्टर द्वारा धान खरीदी कार्य में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी कर्मचारी के विरुद्ध सस्पेंड करने व एफआईआर सहित अन्य कड़ी कार्यवाही भी की जा रही है। राजस्व, खाद्य, सहकारिता और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी करते हुए हर गतिविधि पर 24 घंटे पैनी नजर बनाए हुए हैं। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की लापरवाही, मिलीभगत या गैरकानूनी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन के पैसों में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को जेल भेजने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निरीक्षण केवल औपचारिकता न होकर पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ किया जाए, ताकि एक भी दोषी बच न पाए। जिले में 24 घंटे सतत निगरानी के चलते जहां ईमानदार किसानों में विश्वास का माहौल बना है, वहीं अवैध धान खरीदी से जुड़े लोगों में प्रशासन की कार्यवाही का डर साफ झलक रहा है।
