सीताराम दास जी महराज के सानिध्य में सावन मास महोत्सव आयोजन हेतु रूपरेखा बनेगा
जांजगीर चांपा,,,,,,सिद्ध शक्ति पीठ चण्डी दाई की असीम कृपा से ग्राम महंत में लोक कल्याण हेतु सर्वजन हिताय एवं सर्वजन सुखाय की भावना के साथ सनातनी परम्पराओं के संरक्षण हेतु समस्त पर्व एवं त्यौहारों को सामूहिक रूप से साधु संतों एवं विद्वान पंडित पुरोहितों के मार्गदर्शन में समस्त जनमानस ,युवा मंडलियों एवं मातृशक्तियों के प्रत्यक्ष सहयोग से सभी को समाहित करते हुए धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा भक्ति के साथ मनाने की परम्परा है ।इस कड़ी में इस वर्ष सावन महोत्सव का आयोजन 29 जुलाई आषाढ़ गुरु पूर्णिमा पर्व उपरांत ,दिनांक
30 जलाई गुरुवार से 28 अगस्त 2026 शुक्रवार तक किया जाना है ,जिसके अंतर्गत ग्राम महंत स्थित पौराणिक मधुसागर बावा तालाब के जल से सभी स्थानों एवं ग्रामों में स्थित शिवालयों में पूरे सावन माह भर जलाभिषेक कांवर जल यात्रा हेतु दिनांक 26 जुलाई द्वादशी तिथि के पावन अवसर पर अंचल के प्रमुख संत सीताराम दास जी महराज के सानिध्य में बावा कुटी आश्रम ग्राम महंत में अंचल के समस्त धर्मावलंबियों की बैठक दोपहर 2 बजे से रखी गई है जिसमें सभी को पधारने अपील किया गया है ।सर्व विदित है ग्राम महंत में पुरातन काल से पौराणिक “मधुसागर तालाब बावा तालाब “स्थापित है जिसके पवित्र जल से ग्राम महंत में लगभग 60 वर्ष पूर्व स्वामी बलरामदास त्यागी जी महराज द्वारा लगातार तीन बार श्री रुद्र महायज्ञ का आयोजन कराया गया था जिसके फलस्वरूप अंचल के ग्रामों में सुख ,शांति एवं समृद्धि का विस्तार हुआ है ।सर्व विदित है पुरातन समय में जल अकाल के समय बावा तालाब का जल लेने आस पास के ग्रामवासी बड़े ,बड़े गंगारों,पीतल के ड्रमों में जल भरकर गाढ़ा ,बैलगाड़ी एवं कावरों में ले जाते थे, तालाब का जल उक्त समय पीने के साथ औषधि एवं खेती किसानी में भी रोग निवारण हेतु उपयोग किया जाता था जिसके आज भी प्रत्यक्ष प्रमाण हैं, इसके साथ ही आज से लगभग 42 वर्ष पूर्व बावा तालाब नाम पर ही आधारित ,श्रद्धेय स्वामी रामदास त्यागी जी महराज द्वारा संत आश्रम बावा कुटी स्थापित किया गया है ,जिसमें वर्तमान समय में अंचल के प्रतिष्ठित संत श्रद्धेय सीताराम दास जी महराज का आश्रम है जिसमें काफी संख्या साधु संत निवासरत हैं ।पौराणिक “बावा तालाब मधुसागर तालाब “के पवित्र जल से आस पास चारों ओर स्थित ग्राम महंत , मारकडीह ,जगमहंत , धुरकोट , बूढ़ेना, अवरीद,सेमरा , तेंदुवा ,अमोरा , खैरा , घुटिया , दर्री,भेड़ेंसर,धनेली भैंसदा, भैंसमुडी, चौरा भाटा सहित दूर दूर के ग्रामों के समस्त धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न होते हैं एवं सावन माह में तालाब के पवित्र जल से ही समस्त शिवालयों में जलाभिषेक किया जाता है । अनेक वर्षों से ग्राम महंत में स्वामी रामदास जी महराज के आशीर्वाद से सामूहिक बोल बम कांवर यात्रा सिद्ध शक्ति पीठ चण्डी मंदिर स्थित भगवान भोले भंडारी श्री चंद्रशेखर महादेव सहित ग्राम के सभी शिवालयों के लिए बोल बम यात्रा प्रारंभ किया गया है जिसमें काफी संख्या में जन मानस शामिल होते हैं , इस वर्ष 4 सावन सोमवार है , इस हेतु प्रत्येक सोमवार को आस पास ग्रामों के प्रमुख शिव लिंगों में सामूहिक जलाभिषेक कांवर यात्रा प्रस्तावित है ,इसी प्रकार पुराणों में उल्लेखित सनातनी परम्परा के अनुरूप प्रायः प्रत्येक घरों में पार्थिव शिवलिंग पूजा का विधान सावन माह के प्रथम दिन से भादों अमावस्या पोला तिहार तक लगभग डेढ़ माह तक किया जाता है ,जिसमें प्रत्येक दिवस घर के सदस्य प्रातः मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग निर्माण कर बेल पत्रों में राम ,राम लिखकर भगवान शंकर को अर्पित कर पूजा करने का विधान है ,जो अब समयाभाव के कारण बहुत ही कम दिखने को मिल रहा है ।जिस हेतु इस वर्ष से चण्डी दाई मंदिर के पावन परिसर में 9 दिवसीय सामूहिक पार्थिव शिवलिंग पूजा ,शिवपुराण कथा को सभी के समायोजन एवं विद्वान आचार्य पुरोहितों एवं अनेक यजमानों के प्रत्यक्ष उपस्थिति में सामूहिक रूप से आयोजित करने का भी प्रयास किया जा रहा है जिस हेतु सभी धर्मावलंबियों एवं आम जन मानस से सहभागिता निभाने का अनुरोध जय चण्डी दाई लोक कल्याण सेवा समिति ने किया है।
