जांजगीर। राजा गुरु धर्म गुरु गुरु बालदास साहेब जी के आशीर्वाद, निर्देश एवं मार्गदर्शन में 04 अक्टूबर 2026 को जांजगीर में आयोजित सामाजिक बैठक एवं सत्संग में लिए गए निर्णयों के परिपालन में रविवार, 01 नवंबर 2026 को सर्किट हाउस, जिला पंचायत रोड, जांजगीर में सतनाम धर्म महासभा जिला जांजगीर-चांपा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला अध्यक्ष एवं जिला कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया पूर्ण की गई। उपस्थित समाजजनों की सर्वसम्मति से विभिन्न पदों के लिए नाम प्रस्तावित किए गए, जिन्हें अंतिम स्वीकृति एवं आदेश हेतु राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा गुरु धर्म गुरु गुरु बालदास साहेब जी को प्रेषित किया जाएगा।
बैठक में चुनाव प्रभारी अधिकारी जांजगीर डॉ. लक्ष्मण भारती जी, गुरु प्रतिनिधि एवं प्रदेश पदाधिकारी विजय डहरिया जी, प्रदेश प्रभारी डॉ. मोहन सेंडे जी, जितेंद्र पाटले जी, डॉ. पुष्पेंद्र लहरें जी एवं इंजीनियर आनंद प्रकाश मिरी जी सहित जिले के अनेक सामाजिक पदाधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षाविद् एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
*प्रदेश पदाधिकारियों ने महासभा के उद्देश्य, नियम एवं जिम्मेदारियों की दी विस्तृत जानकारी*
बैठक में डॉ. लक्ष्मण भारती जी, जितेंद्र पाटले जी, डॉ. पुष्पेंद्र लहरें जी एवं इंजीनियर आनंद प्रकाश मिरी जी ने सतनाम धर्म महासभा की गठन प्रक्रिया, नियमावली, उद्देश्य, कार्यप्रणाली एवं पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महासभा के प्रत्येक पदाधिकारी का दायित्व समाजसेवा, सामाजिक जिम्मेदारी एवं सामूहिक नेतृत्व की भावना के साथ कार्य करना है। सभी को आपसी समन्वय, अनुशासन, पारदर्शिता एवं निष्ठा के साथ समाजहित में कार्य करना चाहिए।
उन्होंने समाज में एकता, भाईचारा एवं सामाजिक समरसता को मजबूत करने, युवाओं की शिक्षा एवं रोजगार, नशामुक्ति, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने तथा बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, समानता एवं मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। साथ ही कहा कि व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर सामूहिक हित एवं समाज के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
*गुरु प्रतिनिधि विजय डहरिया जी ने बताया महासभा का मूल उद्देश्य, समाज से जुड़ने की अपील*
इस अवसर पर गुरु प्रतिनिधि विजय डहरिया जी ने राजा गुरु धर्म गुरु गुरु बालदास साहेब जी की दूरदर्शी सोच एवं परिकल्पना को विस्तार से रखते हुए कहा कि सतनाम धर्म महासभा का उद्देश्य केवल एक संगठनात्मक व्यवस्था तैयार करना नहीं, बल्कि समस्त सतनामी समाज को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी, सशक्त एवं जागरूक बनाना है। समाज की खोई हुई पहचान, गौरव एवं मूल्यों की पुनर्स्थापना करते हुए शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता सहित प्रत्येक क्षेत्र में समाज का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना महासभा का प्रमुख लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि राजा गुरु धर्म गुरु गुरु बालदास साहेब जी की परिकल्पना है कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति आत्मनिर्भर बने, युवा शिक्षित एवं रोजगारोन्मुख हों, महिलाएं सम्मान एवं स्वावलंबन के साथ आगे बढ़ें तथा समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर अपनी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को मजबूत करें। सतनाम धर्म महासभा इसी व्यापक उद्देश्य को धरातल पर साकार करने का सशक्त माध्यम है।
डहरिया जी ने समस्त सतनामी समाज से अपील की कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति, सामाजिक पदाधिकारी, युवा, महिलाएं, कर्मचारी, अधिकारी, बुद्धिजीवी एवं सामाजिक कार्यकर्ता महासभा से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ें और इस सामाजिक अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, शिक्षा, आत्मनिर्भरता एवं सामूहिक सहभागिता में निहित है। सभी के सहयोग एवं समर्पण से ही राजा गुरु धर्म गुरु गुरु बालदास साहेब जी के उद्देश्यों को साकार किया जा सकता है।
*जिला पदाधिकारियों के नाम सर्वसम्मति से प्रस्तावित*
बैठक में उपस्थित समाजजनों की सर्वसम्मति से डॉ. विजय कुमार मनहर (मानद पीएच.डी.), सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी, जांजगीर का नाम जिला अध्यक्ष पद हेतु प्रस्तावित किया गया। इस प्रस्ताव को प्राचार्य श्री रोहित खुंटे जी ने रखा तथा कृषि वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर खरे जी ने समर्थन किया। उपस्थित समाजजनों ने करतल ध्वनि से प्रस्ताव का स्वागत किया।
*प्रस्तावित जिला पदाधिकारी इस प्रकार हैं—*
1. *जिला अध्यक्ष:* डॉ. विजय मनहर जी
2. *जिला उपाध्यक्ष:* वरिष्ठ अधिवक्ता श्री लक्ष्मी लहरे जी
3. *जिला सचिव:* प्रोफेसर डॉ. मुकेश कुमार घितोडे जी
4. *जिला सहसचिव:* डॉ. धनेश्वरी जागृति मैडम (एम.डी., दंत चिकित्सक, चांपा)
*प्रस्तावित जिला कार्यकारिणी सदस्य—*
रोहित खुंटे जी, योगेश बनर्जी जी, तेरस रात्रे जी, चंद्रकांत रात्रे जी, संजय लहरे जी, देव प्रसाद लहरे जी, दीपक मनहर जी, अधिवक्ता जगदीश बंजारे जी, के,आर, टांडे गुरुजी ,जागृति मिरी जी, श्रीमती सत्यवती जोशी जी, श्रीमती अरुणा व्यास मिरी जी, नंदकुमार बनर्जी जी एवं जयप्रकाश लहरे जी।
उक्त सभी नाम सर्वसम्मति से प्रस्तावित कर राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा गुरु धर्म गुरु गुरु बालदास साहेब जी के अंतिम अनुमोदन एवं आदेश हेतु भेजे जाएंगे।
*समाजसेवा एवं सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रतिबद्धता*
जिला अध्यक्ष पद हेतु प्रस्तावित डॉ. विजय मनहर जी ने कहा कि बचपन से ही बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, समानता एवं मानवता के विचारों से प्रेरित होकर समाजहित में कार्य करने की भावना रही है। उन्होंने कहा कि वे राजा गुरु धर्म गुरु गुरु बालदास साहेब जी के निर्देश एवं मार्गदर्शन में समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने, सामाजिक एकता मजबूत करने तथा शिक्षा, जागरूकता एवं आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि *“खानी, बानी और सियानी”* के मूलमंत्र को जीवन में अपनाते हुए सादगी, स्वच्छता, सदाचार एवं सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना आवश्यक है। समाज में किसी भी प्रकार के भेदभाव के बिना प्रत्येक व्यक्ति को समान सम्मान एवं अवसर मिलना चाहिए।
प्रस्तावित जिला उपाध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता श्री लक्ष्मी लहरे जी ने अपने पूर्व सामाजिक अनुभवों का उल्लेख करते हुए बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों एवं राजा गुरु धर्म गुरु गुरु बालदास साहेब जी के निर्देशों के अनुरूप समाजसेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। वहीं प्रस्तावित जिला सचिव प्रोफेसर डॉ. मुकेश कुमार घितोडे जी ने सामाजिक एकता, भाईचारे एवं सभी वर्गों की सहभागिता को प्राथमिकता देने की बात कही। अन्य प्रस्तावित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी समाजहित में सक्रिय योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया।
*समाज के प्रबुद्धजनों, अधिकारी-कर्मचारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की रही विशेष सहभागिता*
बैठक को सफल बनाने में समाज के प्रबुद्धजनों, शिक्षाविदों, अधिकारी-कर्मचारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की विशेष सहभागिता एवं सहयोग रहा। इस अवसर पर विशेष रूप से पी.एल. महिपाल जी, डॉ. चंद्रशेखर खरे जी, डॉ. ललित कुर्रे जी, बी.पी. घृतलहरे जी, धनीराम बंजारे जी, प्राचार्य बालचंद भारती जी, प्राचार्य श्री कमल नारायण भारद्वाज जी, श्री कुंजबिहारी पाटले जी, रामप्रसाद पाटले जी, रामलाल लहरे पंडित जी, नंदलाल कुर्रे जी, शैलेन्द्र सतनामी जी, श्री सत्यनारायण लहरे जी, डॉ. बी.आर. खांडे साहब, बी.आर. रत्नाकर जी (प्राचार्य, डाइट जांजगीर), रामकुमार दिनकर जी, श्री भरतलाल लहरे जी, विकास भारद्वाज जी, राकेश टंडन जी, सूरज भारती जी, बृजेश कुमार जी, श्री मिथुन भास्कर जी, श्री चंद्रकुमार मिरी जी, श्री एच.आर. बर्मन जी, श्री घनश्याम भारद्वाज जी, श्री अजीत मिरी जी, श्री कुमार गौरव जी, श्री मनोज सोनवानी जी, डॉ. कोमल लहरे जी, श्रीमती निर्मला लहरे जी, श्री प्रेमकुमार बंजारे जी एवं श्री शिवनंदन दिवाकर जी सहित सतनामी समाज के अनेक अधिकारी-कर्मचारी एवं सामाजिक विचारधारा से जुड़े गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
*एकता, शिक्षा एवं सामाजिक विकास को मिलेगी प्राथमिकता*
बैठक में समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधा, रोजगार, युवाओं का मार्गदर्शन, महिलाओं का सम्मान एवं सशक्तिकरण, नशामुक्ति, सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन, स्वच्छता तथा सामाजिक समरसता जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्राथमिकता देने पर विचार-विमर्श किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि महासभा का उद्देश्य केवल पदों का गठन करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, जागरूकता, सम्मान एवं विकास के अवसर पहुंचाना है। इसके लिए आपसी संवाद, सहयोग, भाईचारा एवं सामूहिक सहभागिता के साथ निरंतर कार्य करना होगा। समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से ही एक सशक्त, शिक्षित, आत्मनिर्भर एवं जागरूक समाज का निर्माण संभव है।
बैठक में विश्वास व्यक्त किया गया कि राजा गुरु धर्म गुरु गुरु बालदास साहेब जी के आशीर्वाद, निर्देश एवं मार्गदर्शन में सतनाम धर्म महासभा जिला जांजगीर-चांपा समाज की एकता, स्वाभिमान एवं सर्वांगीण विकास के लिए सकारात्मक एवं प्रभावी भूमिका निभाएगी।
*सत्य, समानता, मानवता और सामाजिक एकता ही समाज की वास्तविक शक्ति है।*
*सौजन्य:*
*सतनाम धर्म महासभा, जिला जांजगीर-चांपा, (छ, ग,)*
