गांव-गांव, द्वार-द्वार पहुंच रहा सुशासन
नवागढ़ के ग्राम सरखों में शिविर,जनप्रतिनिधियों,कलेक्टर एवं अधिकारियों ने किया निरीक्षण
त्वरित समाधान और योजनाओं के शत-प्रतिशत लाभ के निर्देश
हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया
जांजगीर-चांपा, 2 मई 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत जिले में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु 1 मई से 10 जून 2026 तक “जनसमस्या निवारण शिविर” आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में आज जनपद पंचायत नवागढ़ के ग्राम सरखों में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस क्लस्टर में सरखों, करमंदी, तेन्दूभांठा, खोखसा, सिवनी, पाली, कन्हाईबंद, बोड़सरा, मरकाडीह, हाथीटिकरा, बनारी, खोखरा, पुटपुरा, पेण्ड्री (जां.), धाराशिव (खो.), मेहदा, सेवई, कुटरा एवं कुथुर ग्राम पंचायतें शामिल रहीं। शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर एवं अधिकारियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर हितग्राहियों को मिल रहे लाभ की जानकारी ली। इस अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों एवं मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबियां सौंपी गईं। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 1334 आवेदन प्राप्त हुए। जिनमे 1265 मांग एवं 69 शिकायत से संबंधित है।
इस अवसर पर विधायक जांजगीर-चांपा ब्यास कश्यप, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, पूर्व संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, पुष्पेंद्र प्रताप सिंह, विकास शर्मा, शैलेन्द्र पांडेय, अमर सुल्तानिया, इंजीनियर रवि पांडेय, श्रीमती नंदिनी राजवाड़े, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे, जनपद सदस्य, सरपंच, पंचगण सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
विधायक जांजगीर ब्यास कश्यप ने कहा कि जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित हो । उन्होंने कहा कि सभी आवेदनों का संवेदनशीलता के साथ समय-सीमा में निराकरण किया जाए तथा आमजनों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक प्रशासन की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे तथा नागरिक अधिक से अधिक संख्या में शिविरों में उपस्थित होकर लाभ प्राप्त करें।
पूर्व संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी ने कहा कि शासन-प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है और नागरिकों से अधिकाधिक सहभागिता की अपील की।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिले में शिविरों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदन का समय-सीमा में निराकरण किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु कैम्प कोर्ट लगाकर प्राथमिकता से कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। साथ ही सभी प्राप्त आवेदनों की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग स्वयं करने की बात कही।
जनसमस्या निवारण शिविर में राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, पशु चिकित्सा, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, स्वास्थ्य, आयुष, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, श्रम, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य, वन, जल संसाधन, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री सड़क योजना, बैंकर्स, आबकारी, सहकारिता, आदिम जाति कल्याण, परिवहन, खाद्य, विद्युत एवं रोजगार विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।
