कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व, पुलिस एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने किया आकस्मिक निरीक्षण, अवैध खनन रोकने की गई निवारक कार्यवाही
बम्हनीडीह। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी जन्मेजय महोबे के आदेशानुसार तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) चाम्पा पवन कोसमा के निर्देश पर बम्हनीडीह तहसील अंतर्गत हसदेव नदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन की रोकथाम हेतु प्रशासन द्वारा लगातार सघन निगरानी एवं प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में बीती मध्यरात्रि तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी शशिभूषण सोनी, नायब तहसीलदार संजय बरेठ, थाना प्रभारी बम्हनीडीह दिलीप सिंह तथा खनिज निरीक्षक दुर्गेश धीवर की संयुक्त अगुवाई में राजस्व, पुलिस एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा हसदेव नदी क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील रेत घाटों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
संयुक्त टीम द्वारा पुछेली, पिपरदा, खपरीडीह, बम्हनीडीह, गोविंदा एवं गतवा रेत घाटों का स्थल निरीक्षण कर अवैध रेत उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन की संभावनाओं का विस्तृत परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान घाटों तक पहुंचने वाले मार्गों, नदी क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही, संभावित भंडारण स्थलों एवं संवेदनशील बिंदुओं का बारीकी से अवलोकन किया गया। टीम द्वारा विभिन्न स्थानों पर रात्रिकालीन गतिविधियों की जानकारी भी एकत्रित की गई तथा स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था का परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान किसी भी घाट में अवैध खनन गतिविधि संचालित होना नहीं पाया गया। प्रशासन ने इसे लगातार की जा रही निगरानी एवं पूर्व में की गई सख्त कार्यवाहियों का सकारात्मक परिणाम बताया है। तथापि भविष्य में अवैध उत्खनन एवं परिवहन की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए प्रशासन द्वारा केवल निरीक्षण तक सीमित न रहते हुए निवारक कार्यवाही भी की गई।
संयुक्त टीम द्वारा उन मार्गों एवं पहुंच मार्गों की पहचान की गई जिनका उपयोग अवैध रेत परिवहन में किया जा सकता है। इसके उपरांत विभिन्न घाटों पर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने तथा अवैध उत्खनन की संभावनाओं को न्यूनतम करने हेतु आवश्यक स्थानों पर गड्ढे कराए गए एवं मार्ग अवरुद्ध करने की कार्यवाही की गई। प्रशासन का मानना है कि ऐसी निवारक कार्यवाही अवैध खनन गतिविधियों को प्रारंभिक स्तर पर ही रोकने में प्रभावी सिद्ध होगी।
उल्लेखनीय है कि बम्हनीडीह तहसील अंतर्गत हसदेव नदी क्षेत्र में विगत कुछ समय से अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। तहसील प्रशासन द्वारा राजस्व, पुलिस एवं खनिज विभाग के समन्वय से अनेक रेतमय हाइवा, ट्रैक्टर एवं अन्य वाहनों पर कार्यवाही की जा चुकी है। हाल के महीनों में की गई लगातार कार्यवाहियों के कारण अवैध खनिज कारोबारियों पर प्रभावी अंकुश स्थापित हुआ है तथा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण की दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है।
तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी शशिभूषण सोनी ने बताया कि अवैध रेत उत्खनन केवल राजस्व हानि का विषय नहीं है, बल्कि यह नदी के प्राकृतिक स्वरूप, पर्यावरणीय संतुलन, भूजल स्तर एवं स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इसी कारण जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण हेतु जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है और अवैध खनिज गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्यवाही की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की टीम आगे भी दिन एवं रात्रि दोनों समय आकस्मिक निरीक्षण करती रहेगी तथा अवैध रेत उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन की किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आमजन से भी अपील की गई है कि इस प्रकार की गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराकर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सहयोग करें।
उक्त निरीक्षण एवं कार्यवाही में तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी शशिभूषण सोनी, नायब तहसीलदार संजय बरेठ, थाना प्रभारी बम्हनीडीह दिलीप सिंह, खनिज निरीक्षक दुर्गेश धीवर, राजस्व अमला, पुलिस बल एवं खनिज विभाग का अमला उपस्थित रहा।
