एग्रीस्टेक पंजीयन, फॉर्मर रजिस्ट्री, त्रुटि सुधार, नक्शा बटांकन, सीमांकन सहित सभी लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा
जांजगीर-चांपा, 15 जुलाई 2026। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न राजस्व प्रकरणों एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि आम नागरिकों एवं किसानों से जुड़े सभी राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व सेवाओं में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। बैठक में अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, अपर कलेक्टर आर के तम्बोली, संयुक्त कलेक्टर संदीप ठाकुर, सर्व एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। बैठक में कलेक्टर ने एग्रीस्टेक पंजीयन, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, फॉर्मर रजिस्ट्री, नक्शा बटांकन, भू-बंटन, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, खाता विभाजन, अविवादित नामांतरण, त्रुटि सुधार, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4, भू-अर्जन एवं राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण अभियान चलाकर एवं कैम्प कोर्ट लगाकर निर्धारित समय-सीमा में किया जाए। कलेक्टर ने एग्रीस्टेक पंजीयन की समीक्षा करते हुए जिले के सभी किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के खसरे अभी तक पोर्टल पर दर्ज नहीं हुए हैं, उन्हें जोड़ा जाए तथा समितियों में किसानों का खसरा सत्यापन कराया जाए एवं छुटे खसरे जोड़े जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना से वंचित न रहे। कलेक्टर ने धान विक्रय करने वाले सभी किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में फॉर्मर रजिस्ट्री के जो अनक्लेम्ड बकेट लंबित हैं उन्हे विशेष अभियान चलाकर सभी लंबित बकेट्स का क्लेम कराने तथा प्रत्येक पात्र किसान की फॉर्मर रजिस्ट्री पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इसके लिए समिति स्तर पर पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं समिति ऑपरेटर के समन्वित प्रयास सुनिश्चित करने, लंबित किसानों की सूची प्रत्येक समिति में उपलब्ध कराने तथा घर-घर संपर्क कर पंजीयन पूरा कराने को कहा। उन्होंने लंबित सत्यापन एवं अनुमोदन के प्रकरणों का भी शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारों को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति की सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए।
