जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़ शासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा युवाओं एवं स्वैच्छिक संगठनों द्वारा सामाजिक, साहित्यिक, नवाचार, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, मीडिया, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, दिव्यांगजन, कला एवं संगीत तथा लोककला सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने के उद्देश्य से ‘युवा रत्न सम्मान योजना’ संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत 01 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला खेल अधिकारी ने बताया कि योजना के अंतर्गत 14 अलग-अलग क्षेत्रों में एक-एक व्यक्ति को सम्मानित किया जाएगा। असाधारण एवं विशिष्ट सेवा कार्य के लिए ‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान’ एक युवा एवं एक स्वैच्छिक संगठन को प्रदान किया जाएगा। युवा को अधिकतम 2.50 लाख रुपये तथा स्वैच्छिक संगठन को अधिकतम 5 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। पुरस्कार में पदक, प्रमाण-पत्र एवं शॉल भी शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त सामाजिक कार्य, साहित्यिक कार्य, नवाचार, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, मीडिया, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, दिव्यांगजन, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, कला एवं संगीत तथा सांस्कृतिक एवं लोककला के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक-एक युवा को 1-1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इन पुरस्कारों में पदक, प्रमाण-पत्र एवं शॉल भी शामिल होंगे। ‘युवा रत्न सम्मान (महिला एवं बाल विकास)’ का पुरस्कार केवल महिलाओं एवं बालिकाओं को प्रदान किया जाएगा। योजना के तहत ‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान’ प्रत्येक वर्ष एक युवा तथा एक स्वैच्छिक संगठन को प्रदान किया जाएगा। एक वित्तीय वर्ष में कोई व्यक्ति, संगठन अथवा संस्था एक से अधिक श्रेणी के युवा रत्न पुरस्कार के लिए पात्र नहीं होगी। इसी प्रकार एक श्रेणी का युवा रत्न सम्मान किसी व्यक्ति, संगठन अथवा संस्था को एक से अधिक बार प्रदान नहीं किया जाएगा। युवा रत्न सम्मान के लिए आवेदक का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना आवश्यक है। आवेदक की आयु 15 से 29 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अर्थात जिस वित्तीय वर्ष में पुरस्कार प्रदान किया जाना है, उस वित्तीय वर्ष के 01 अप्रैल को आवेदक की आयु 15 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए तथा 31 मार्च को आयु 29 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
